व्हाइट हाउस ने यह तो कहा कि वीजा एप्लिकेशन के समय 88 लाख रुपए देने होंगे
लेकिन यह साफ नहीं किया कि अगले 3 साल के लिए वीजा रिन्यू कराते वक्त भी यह फीस दोबारा लगेगी या नहीं
डिजिटल डेस्क न्यूज़। अमेरिका ने अपने टैरिफ वार के बीच अब विजा की फीस बढ़ाकर नया कार्ड खेला है। जिसके व्यापक असर देखने मिलेंगे। अमेरिकी H-1B वीजा फीस बढ़ाकर 1 लाख डॉलर (करीब 88 लाख रुपए) करने के फैसले पर ट्रम्प प्रशासन ने शनिवार देर रात स्पष्टीकरण जारी किया। व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने X पर लिखा- बढ़ी हुई फीस सिर्फ वन टाइम है, जो एप्लिकेशन देते समय चुकानी होगी।
H-1B वीजा के लिए पहले 5.5 से 6.7 लाख रुपए लगते थे। यह 3 साल के लिए मान्य होता था। इसे दोबारा फीस देकर अगले 3 साल के लिए रिन्यू किया जा सकता था। यानी अमेरिका में 6 साल रहने के लिए H-1B वीजा का कुल खर्च 11 से 13 लाख रुपए के करीब बैठता था।
व्हाइट हाउस ने यह तो कहा कि वीजा एप्लिकेशन के समय 88 लाख रुपए देने होंगे, लेकिन यह साफ नहीं किया कि अगले 3 साल के लिए वीजा रिन्यू कराते वक्त भी यह फीस दोबारा लगेगी या नहीं।
यह फीस वन टाइम यानी एक बार ही लगेगी
अमेरिका ने दो दिन पहले ही नए H-1B वीजा के आवेदन के लिए फीस बढ़ाकर 1 लाख डॉलर यानी करीब 88 लाख रुपए कर दी है।
अब साल के H-1B वीजा के लिए यह फीस वन टाइम यानी एक बार ही लगेगी। दोबारा रिन्यू कराने पर फीस लगेगी या नहीं, फिलहाल यह साफ नहीं है।
इसके पहले वीजा को 3 साल के लिए रिन्यू करने की व्यवस्था थी
इससे पहले H-1B वीजा के लिए 5.5 से 6.7 लाख रुपए लगते थे। यह 3 साल के लिए मान्य होता था। इसे दोबारा फीस देकर अगले 3 साल के लिए रिन्यू किया जा सकता था
इस वीजा पर दुनियाभर से लोग काम करने के लिए अमेरिका जाते हैं। जिससे इसका असर व्यापक होगा।




















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