इस नाराजगी के चलते NSUI के एक लीडर ने संगठन के एक ऑफिशियल वाट्सएप ग्रुप का नाम बदलकर ‘WE THE Chhotu’ कर दिया।
स्टूडेंट विंग ‘NSUI’ के कुछ लीडर इन दिनों पार्टी लीडरशिप से नाराज बताए जा रहे हैं।
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डिजिटल डेस्क न्यूज़/नेशनल। कांग्रेस के स्टूडेंट विंग ‘NSUI’ के कुछ लीडर इन दिनों पार्टी लीडरशिप से नाराज बताए जा रहे हैं। इसकी वजह है वामपंथी स्टूडेंट विंग ‘AISA’ की अध्यक्ष नेहा बोरा को राहुल गांधी के साथ लगातार मंच और सुर्खियों में जगह मिलना। NSUI के कुछ नेताओं को लगा कि पार्टी के प्रदर्शनों में भीड़ जुटाने और मेहनत करने की जिम्मेदारी उनकी है, लेकिन तवज्जो किसी दूसरे संगठन की नेता को मिल रही है।
इस नाराजगी के चलते NSUI के एक लीडर ने संगठन के एक ऑफिशियल वाट्सएप ग्रुप का नाम बदलकर ‘WE THE Chhotu’ कर दिया। हिंदी में ‘छोटू’ शब्द का इस्तेमाल अक्सर छोटे काम करने वाले या दूसरों के लिए भागदौड़ करने वाले लोगों के लिए किया जाता है। ग्रुप का नाम तीन दिन तक यही रहा। राहुल गांधी से मुलाकात के बाद इसे फिर से पुराने नाम पर किया गया।
राहुल गांधी ने मार्च के दौरान दोनों महिलाओं के कंधों पर हाथ रखा था। नेहा बोरा बड़े नेताओं को ले जा रही बस में भी नजर आईं। बाद में वह उस ट्रक पर भी दिखीं, जिस पर राहुल गांधी के साथ कुछ चुनिंदा विपक्ष के नेता खड़े थे।
इस प्रोटेस्ट में NSUI के नेशनल प्रेसिडेंट विनोद जाखड़ समेत स्टूडेंट विंग के लगभग तमाम बड़े लीडर शामिल थे। लेकिन उन्हें राहुल के साथ मंच साझा करने का मौका नहीं मिला।
सुप्रीम कोर्ट तक मार्च खत्म होने के बाद राहुल गांधी और INDIA ब्लॉक के दूसरे सीनियर लीडर याचिका से जुड़े कागजी काम के लिए अंदर चले गए। इसी दौरान NSUI के कुछ लीडर्स ने अपने ‘Delhi Coordination’ वाट्सएप ग्रुप में नाराजगी जाहिर की। बात इतनी बढ़ी कि एक मेंबर ने ग्रुप का नाम बदलकर ‘WE THE Chhotu’ कर दिया।
ग्रुप में कुछ सदस्यों ने सवाल उठाया कि क्या उनका काम सिर्फ भीड़ जुटाना रह गया है। एक मैसेज में लिखा गया कि NSUI का कोई भी सदस्य न तो अपनी पार्टी के नेताओं की नजर में नेता बन पाया और न ही आम लोगों के बीच अपनी पहचान बना सका। ऐसे में वे आखिर किसके लिए काम कर रहे हैं?
एक दूसरे मैसेज में नेहा बोरा को शानदार नेता बताया गया, लेकिन साथ ही यह नाराजगी भी जाहिर की गई कि NSUI की जुटाई भीड़ के बीच उन्हें इतनी अहमियत क्यों दी गई।
12 अक्टूबर के मार्च के अगले दिन भी नेहा बोरा राहुल गांधी के आवास पर नजर आईं। राहुल गांधी ने 13 अक्टूबर की शाम INDIA ब्लॉक के सांसदों, कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं और कुछ स्टूडेंट लीडर्स को चाय पर बुलाया था। इनमें नेहा बोरा भी शामिल थीं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी नेहा बोरा को बोलने का मौका मिला।
लगातार दो दिन राहुल गांधी के साथ नेहा की मौजूदगी से NSUI और यूथ कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं की नाराजगी और बढ़ गई। संगठन के भीतर इस मुद्दे पर सवाल उठने लगे और कांग्रेस हाईकमान तक युवा नेताओं की नाराजगी की बात पहुंची।




















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